Self Decision Kaise Le : सेल्फ डीसीजन लेने की आदत डाले |

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दोस्तो इस जिंदगी में हर इंसान सफलता पाकर अपनी मनमर्जी के साथ जिंदगी बिताना चाहता है | अपनी पर्सनल लाइफ में वह किसी को दाखिल करना नहीं चाहता है , लेकिन कमी कहां पर आ जाती है कि हमारी जिंदगी दूसरों के कहने पर चलने लग जाती है | हम अपने निर्णय खुद नहीं ले पाते तथा दूसरों के कहने पर हम अपने द्वारा लिए गए निर्णय को भी बदलते रहते हैं|

जिसके कारण हम कभी सफल भी नहीं हो पाते है| अगर आपकी जिंदगी मे भी ऐसा ही हो रहा है तो तो आपकी जिंदगी का स्टेरिंग दूसरों के हाथ में है |वह जैसा चाहे आपको चला सकते हैं|

दोस्तों आपको अपनी जिंदगी का स्टेरिंग खुद के हाथों में सौंप देना चाहिए, क्योंकि जब तक आप अपने द्वारा लिए गए निर्णय को स्वीकार नहीं करोगे तो आप अपनी शक्ति को नहीं जान पाओगे | आपको खुद की शक्ति के बारे में आपसे बेहतर कोई नहीं बता सकता, क्योंकि हर इंसान में कुछ ना कुछ अलग होता है | इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हो|

जब तक आप खुद के डीसीजन नहीं लेना शुरू करोगे आपकी कामयाबी रुकी रहेगी | कोई भी डीसीजन लेते समय ये मत सोचना कि कही गलत हो गया तो क्या होगा शुरुआत मे कोई ही काम शुरू करने से पहले आपको छोटे छोटे डीसीजन लेने होंगे तभी आप किसी बड़े डीसीजन तक पहुच पाओगे अगर आप छोटे डीसीजन ही नहीं ले पा रहे है तो फिर आप सफलता की कल्पना करना छोड़ दो | अगर आप आज गलत डीसीजन लेते हो तो आप कभी न कभी सही डीसीजन जरूर लोगे | जो आपकी सफलता का रास्ता खोलेगा |
पूरी जिंदगी ये सोचकर पछताने से अच्छा है कि काश मैने उस दिन वो कर लिया होता तो आज मेरी ये स्थिति न होती इसलिए आज हिम्मत करे और डिसीजन लेना सीखे|

दुनिया मे ज्यादातर लोग असफल इसलिए नहीं होती कि वो कर नहीं सकते बल्कि इसलिए होते है क्योंकि वो डीसीजन ही नहीं ले पाते | कोई भी काम का होना न होना बाद की बात है आपका पहला काम है उसे करने का डिसीजन लेना तभी आप उसे करने के बारे में आगे का रास्ता खोज पाओगे|

बाहर के दूसरे लोग आपको सफल होते हुए नहीं देखना चाहते हैं | सिवाय दो चार लोगों के तो वो आपको सही सलाह कैसे दे पाएंगे |

अगर आप दूसरों के कहने पर बार बार अपना क्षेत्र बदल कर मेहनत कर रहे हैं तो कुछ होने वाला नहीं है , क्योंकि जब तक आपके कुछ करने का टाइम आएगा | तब तक आप अपना क्षेत्र बदल चुके होगे और आप फिर से हार जाओगे |

इसलिए भविष्य की बीती बातों को छोड़कर शिकायत करना पछतावा करना छोड़ दे क्योंकि उन्हें तो बदला नहीं जा सकता है | इसके बजाय आप अपने भविष्य की तरफ देखें और खुद से विचार करें कि आप क्या चाहते हैं और मुझे कहां पर जाना है और इससे भी बढ़कर अपने लक्ष्यों का निर्माण करें|

एक सर्वे में निष्कर्ष निकाला गया कि आपके खुद पर नियंत्रण का बटन ही आपकी जिंदगी में आपकी खुशी या दुख तय करता है | कोई दूसरा इंसान आपको जब तक चोट नहीं पहुंचा सकता जब तक आप ना चाहो|

आप अपने आसपास दूर तक नजर दौड़ा कर देख सकते हैं , कि जिन लोगों के नियंत्रण का आंतरिक बटन उनके हाथ में है वे अपनी को जिंदगी को अच्छी तरह से जी रहे हैं | वे खुद को आत्मविश्वासी और शक्तिशाली समझते हैं | वे आमतौर पर आशावादी और सकारात्मक रहते हैं | वे अपने बारे में बड़ा सोचते हैं | वे अपना नियंत्रण खुद के हाथ में रखते है | इसके विपरीत जिन लोगों का नियंत्रण दूसरों के हाथ में होता है वे महसूस तो करते है कि उनका नियंत्रण दूसरों के हाथ में है उन्हें लगता है कि उनका बॉस उनके जीवन साथी उनकी समस्याएं और उनकी वर्तमान स्थिति उनको नियंत्रित कर रही है इसी कारण उनका व्यवहार कमजोर क्रोधित भयभीत और नकारात्मकता वाला हो जाता है|

आप जितनी अधिक जिम्मेदारी खुद की लेते हो आप उतने ही अधिक शक्तिशाली आत्मविश्वासी और सकारात्मकता वाले बनते हैं | आप जितनी अधिक जिम्मेदारी लेकर उसको पूरा करते हो उतना ही अधिक आप खुश रहते हो | जिम्मेदारी नियंत्रण और खुशी एक साथ चलते हैं| अगर आपने जिम्मेदारी लेना नहीं सीखा तो आपके लिए खुद को नियंत्रित कर पाना मुश्किल होगा |

जब आप खुद के कहने पर किसी लक्ष्य का निर्धारण करते हो तो यह एहसास कर जाओगे आपके पास अपनी मंजिल को पाने की लगभग असीमित संभावनाएं है | जो भी आप जीवन में सचमुच पाना चाहते हैं | अगर आप उसको सचमुच भार समझकर न करे दिल से करे क्योंकि भार समझकर करोगे तो कुछ दिन करोगे उसके बाद थक कर बैठ जाओगे|

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