सफल होने के लिए आज ही शिकायत करना छोड़ दे|

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दोस्तों आज के दौर में हर किसी को किसी न किसी से शिकायत रहती है इस आर्टिक्ल में हमने उसी बात के ऊपर चर्चा की है |
दोस्तों आज तक हम यह सुनते आए हैं कि नकारात्मक लोगो की संगत से दूर रहना चाहिए हमेशा अच्छी संगति वाले लोगों में बैठना चाहिए ! जिसकी वजह से आपकी संगति पर आपके व्यक्तित्व पर अच्छा प्रभाव जाए | परंतु क्या आप यह भी जानते हैं कि नकारात्मकता आपके आसपास नहीं आपके अंदर भी हो सकती है |

जिसकी वजह से आप हर रोज शिकायत करते रहते हो , क्या आपने स्वयं के ऊपर कभी गौर किया है की रोजमर्रा की जिंदगी में आप कितनी बातों को लेकर शिकायत करते रहते हो जिसकी वजह से आप कभी-कभी दुसरो से नाराज भी हो जाते हो और कभी-कभी तो आप अपना संयम भी खो देते हैं ! परंतु आपने कभी अपनी इन बातों पर ध्यान ही नहीं दिया होगा जिसकी वजह से आपके साथ ये घटनाये होती रहती है और अपने अंदर की इन गलतियों कोकिस प्रकार सुधारा जा सकता है !

दिमाग पर संयम रखें ! Restrain your Mind

दोस्तों इंसान का मस्तिष्क ही शरीर का सबसे तेज और शक्तिशाली हिस्सा है | इसी की वजह से इंसान में और जानवरों में अंतर पैदा हो जाता है आपने देखा होगा कभी-कभी जानवर उकसाये जाने पर इंसान पर हमला भी कर देते हैं | जिसके कारण इंसान को शारीरिक क्षति पहुंच जाती है क्योकि जानवरों को अपने आप में काबू करना नहीं आता है |

जिसकी वजह से वह अपने आप पर नियंत्रण पा सके परंतु यह शक्ति ईश्वर ने इंसानों को प्रदान की है जिसकी वजह से वह भावनाओं और गुस्से पर काबू पा सकता है | परंतु यह कला इंसानों में भी बहुत कम पाई जाती है क्योंकि अपने आप को नियंत्रण में रखना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है | बहुत से इंसान बात-बात पर इतना गुस्सा हो जाते हैं कि लड़ाई झगड़े भी कर बैठते हैं ! स्वयं को नियंत्रण में रखने का हुनर आपको सीखना पड़ता है | इस हुनर को आप निरंतर प्रयास द्वारा सीख सकते है !

अगर आपके अंदर धैर्य रखने की क्षमता नहीं है तो आप यह कला आपके लिए सीखना बहुत मुश्किल होगा | ज्यादातर इंसान अपने आसपास जैसा दिखता है वैसे ही महसूस करता है | और फिर दुसरो के साथ भी वह उसी प्रकार का व्यवहार करता है | परंतु जब हम मुसीबतों में भी अपने आप को स्थिर रखना सीख जाते हैं और समस्याओं से घबराने की बजाय उनका मुकाबला करने लगते हैं तो हम आशावादी बन जाते हैं और संभावनाओं के प्रति हमारी आस्था जागृत होने लगती है
दुनिया में ये बात बिलकुल सत्य है कि कोई भी इंसान पूर्ण रूप से संपन्न नहीं है | हर किसी इंसान में कोई न कोई कमी जरूर होती है, परंतु अगर हम सारी अच्छाइयों को छोड़कर केवल बुराइयों पर ध्यान देने लगे तो हमें चारों तरफ समस्याएं और दूसरों में कमियां ही नजर आने लगती है इसलिए अपनी सोच को काबू मे रखना बहुत जरूरी है |

सोच से जुड़ी सेहत ! Thinking Health

आपने स्वयं पर कभी गौर नहीं किया होगा कि जब आप गुस्से में होते हैं या किसी भी बात को लेकर निराश रहते है तो ऐसा लगता है की शरीर से सारी ऊर्जा और ताकत समाप्त हो गई हो इसके विपरीत अगर आपके साथ आपके मन के मुताबिक कुछ भी कार्य संपन्न हो जाता है या आप कोई भी मनचाही चीज प्राप्त कर लेते हैं | तो आपके अंदर अपने आप ही एक नई ऊर्जा का संचरण हो जाता है , आपको जानकर और भी हैरानी होगी कि ये जो आपके साथ ऐसा होता है|

इसके पीछे आपके अंदरूनी मन का हाथ होता है , क्योंकि हमारे मानसिक और शारीरिक संबंधों का साथ जुड़ा होता है , कि हम किस समय कैसा महसूस करते हैं और किस प्रकार के विचार हमारे मन में आते हैं , क्योंकि आपके लगातार चिंता करते रहने से आपके शरीर में मोटापा,तनाव, अनिद्रा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां शरीर में उत्पन्न होने लगती है , जो धीरे-धीरे आपके शरीर में दूसरी बीमारियों को भी पैदा कर देती है|

आपका शरीर धीरे धीरे खोखला होने लगता है आपको इस बात का पता जब तक लग पाता है तब तक आपका शरीर मानसिक एवं शारीरिक सेहत से भी प्रभावित होने लगता है|

शरीर में इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद नतीजा यह निकलता है कि आपके निर्णय लेने की क्षमता और आपका नजरिया नकारात्मक होने लगता है | ऐसी स्थिति मैं आपको अनकहे डर सताने लगते है और आपका जीवन कठिनता से भरपूर हो जाता है |

सावधान रहना जरूरी है ! Be careful

दोस्तों हमारे जीवन के हर पल मे अच्छे और बुरे दोनों पहलू होते हैं ! हमारे ऊपर निर्भर है कि हम उसमें क्या देखते हैं ! हमारा नजरिया उस चीज के प्रति जैसा होता है वैसा ही हमें उस चीज में दिखाई देता है सकारात्मक नजरिया वाले लोग हर चीज में कुछ ना कुछ अच्छा जरूर देख लेते हैं ! और नकारात्मक लोगों को हर चीज में कमी नजर आती है

आज के युग में लोग अपना नजरिया जाहिर करने के लिए सोशल साइट्स का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि सोशल साइट के माध्यम से लोगों को उनकी सोच नजरिया के बारे मे बहुत तेज़ी से पता चल जाता है | अगर आपका मकसद सिर्फ और सिर्फ अपनी नाराजगी जाहिर करना है जरूरी नहीं कि वहां पर दूसरे लोग आपकी सहायता करें | और यह भी जरूरी नहीं है कि आपके शिकायत करने से दूसरे लोग परेशानी हो दूसरे लोग सिर्फ आपकी परेशानी का फायदा उठा सकते हैं |

इसलिए हमेशा बात बात पर शिकायत करने से बचें बहुत सी घटनाएं हमारे साथ ऐसी घटी होती है कि अगर हम उनकी शिकायत दूसरों से करें या उन बातों को दूसरे लोगों को बताएं ! तो उल्टा ही दूसरे लोग उस शिकायत को लेकर हमारा मज़ाक बनाने लगते है |

इसलिए हमेशा शिकायत करते रहने से आपका भला कभी नहीं हो सकता | परंतु आपकी मानसिक सेहत का नुकसान जरूर हो सकता है | अब आपको इस बात का अंदाजा हो गया होगा कि जिस चीज से हमे कोई फायदा नहीं हो रहा है उस चीज से बचने में हमारा ही फायदा है| लगातार शिकायत करते रहने से आपका व्यक्तित्व भी खतरे में पड़ जाता है | दूसरे लोग आपसे घृणा करने लगते हैं इसलिए अगर आपके साथ ऐसा हो भी तो आपको अपनी सोच का दायरा बढ़ा देना चाहिए जिससे आपकी जिंदगी खूबसूरत और सकारात्मक बन सके !

दोस्तों अगर आपको मेरा ये आर्टिक्ल पसंद आया है , तो कमेंट में अपना फीलिंग बता सकते है और अपने दूसरे दोस्तों में भी शेयर कर सकते है हम आपके लिए ऐसे ही अच्छे-अच्छे ब्लॉग लाते रहेंगे बस आप हमें सहयोग करते रहे| बाकि अगर आप किसी भी मोटिवेशन ,स्टूडेंट टिप्स से सम्बंधित आर्टिकल पढ़ना चाहते हो तो नीचे कमेंट में बता सकते है |

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