India Students 5 Mistake : भारतीय विद्यार्थियों के जीवन की 5 सबसे बड़ी गलतियां !

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दोस्तों इस कॉम्पिटिशन के दौर में कुछ गलतिया ऐसी होती है, जो ज्यादातर इंडियंस विद्यार्थियों के साथ होती है। अगर आपको इन गलतियों के बारे में पता चल जाये तो आप इनमें सुधार कर सकते है। इसलिए इस आर्टिक्ल को ध्यान से पढ़े क्योकि हमने इस आर्टिक्ल में उन 5 गलतियों को बताया है, जो इंडियंस विद्यार्थियों के साथ होती है।

पहली गलती

भारतीय छात्रों को स्कूल या कॉलेज के दिनों में पढ़ाई करते समय उनका और उनके माता-पिता का सिर्फ एक ही सपना होता है और वह है सरकारी नौकरी प्राप्त करना। ऐसे में कुछ छात्र सरकारी नौकरी प्राप्त भी कर लेते हैं, तो उनके माता पिता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता है। लेकिन ऐसे भी बहुत से छात्र होते है। जिनको सरकारी नौकरी नहीं मिल पाती है, तो ऐसे में वे छात्र क्या करे कभी आपने इसके बारे में सोचा है, बिलकुल नहीं

सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों की अगर सरकारी नौकरी न लगे, तो उनके पास ऐसी कोई स्किल नहीं होती है। जिसकी बदौलत उन्हें प्राइवेट नौकरी भी मिल जाए ! इस वजह से उनकी नौकरी लगने के चांस बिल्किल समाप्त हो जाते है। सभी छात्रों को सरकारी नौकरी मिलना भी एक मुश्किल कार्य है। क्योंकि रोजगार की बात करें तो हमारे देश में सरकारी नौकरियां केवल 2% है।

अब आपको सरकारी नौकरी केवल बोलने से मिलने वाली नहीं है, कि मैं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा हूं। सरकारी नौकरी ( Government Job ) पाने के लिए यानि कि 2% सरकारी रोजगार की श्रेणी में आने के लिए आपको कितनी मेहनत करनी होगी। यह आप बखूबी जानते हैं, जो कि एक आसान कार्य नहीं है। सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए आपको कम 3 से 4 साल लगातार मेहनत करनी होगी ,आपको रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करनी होगी।

तब जाकर आप स्वयं से सरकारी नौकरी की उम्मीद रख सकते हैं, लेकिन इसकी भी कोई गारंटी नहीं है कि आपको नौकरी मिल ही जाएगी। इसके लिए आपको अपने भविष्य को अंधकार से बचने के लिए स्कूल या कॉलेज में से थोड़ा समय निकालकर आपको दूसरी स्किल ( Other Skill )भी सीखनी चाहिए ताकि आपका भविष्य ख़राब न हो।

आज के समय में बहुत से ऐसे शॉर्टटर्म कोर्स चल रहे है जनको सीखकर आप कम समय में ही पैसा कमाना भी शुरू कर सकते हैं।

दूसरी गलती

जैसे जैसे समय डिजिटल होता जा रहा है वैसे ही मनोरंजन के संसाधन भी बदलते जा रहे हैं। आजकल बच्चो और युवा पीढ़ियों ने खुले मैदान में खेलना छोड़ दिया है, क्योंकि खेलने का कार्य अब घर बैठे ही मोबाइल पर कर देते हैं। जिसके कारण बच्चों में स्वास्थ्य समस्या भी बढ़ती जा रही है। जोकि एक चिंता का विषय है।

ज्यादातर बच्चे और युवा पीढ़ी अपने मनोरंजन के लिए मोबाइल की सहायता ले रहे हैं। जिसकी उन्हें दिन पर दिन लत लगती जा रही है। वह अपना फ्री समय मोबाइल पर गेम खेलने और मनोरंजन वीडियो देखने में बिता रहे हैं। मोबाइल इस्तेमाल के समय उसमें इतना खो जाते हैं कि उन्हें आसपास की चीजें भी नजर नहीं आती है।

उस समय वह किसी की नहीं सुनते है। ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने की वजह से बच्चों में पढ़ाई की रूचि खत्म होती जा रही है। उनका ध्यान सिर्फ इन चीजों में रहता है कि उन्हें गेम खेलने के लिए मोबाइल कब मिलेगा उसके चक्कर में पढ़ाई पर भी ध्यान नहीं दे पाते हैं जोकि उनके लिए बहुत मायने रखती है।

पढ़ाई आपका एक ऐसा हथियार है जो आपको और आपके परिवार को मान सम्मान और तरक्की प्रदान कर सकता है। जितना ध्यान लगाकर बच्चे मोबाइल ( Mobile ) में गेम खेलते हैं।अगर उतना ध्यान पढ़ाई में लगा ले, तो उनके कैरियर के लिए अच्छा रहता है। पढ़ाई के समय में बच्चों के सहायता उनके मां-बाप को करनी चाहिए क्योंकि बच्चों में कितने समझ नहीं होती है कि वो भविष्य के लिए कुछ अच्छा प्लानिंग कर स।

तीसरी गलती

आज के विद्यार्थी किताबी ज्ञान बढ़ाने के बजाय डिग्री लेने पर ज्यादा ध्यान देते हैं जो कि बिल्कुल सही नहीं है। अगर आपके पास केवल डिग्री है अंदर से आप बिल्कुल खाली है तो आपको प्राइवेट जॉब Private Job मिलना भी काफी चुनौतीपूर्ण रहता है। ज्यादातर विद्यार्थी स्कूल या कॉलेज के समय में केवल पास होने के लिए मेहनत करते हैं।

वे पढ़ते समय कभी गम्भीर नही रहते है उन्हें लगता है कि मौज मस्ती के केवल यही दिन है। इसलिए वे ज्यादातर मस्ती करते हैं अपने कीमती समय को बेकार करते हैं। ऐसा करके आप अपने भविष्य को कभी भी सही रास्ते पर नहीं ले जा सकते है। ये वही विद्यार्थी होते है जो बाद में दूसरों को दोष देते हैं।

आज के इस प्रतियोगिता वाले समय मे डिग्रियां केवल एक पढ़ाई का प्रमाण पत्र रह गई है। इसलिए आपका भविष्य आपके ज्ञान ( Knowledge ) और स्किल ( Skill ) के आधार पर निर्भर करता है। इसलिए आज के समय में डिग्री वाले लगातार बढ़ते जा रहै है, लेकिन ज्ञान की कमी के कारण वे जीवन में कुछ खास नहीं कर पाते हैं उन्हें अपने क्षेत्र के बारे में भी संपूर्ण जानकारी नहीं होती है।

और ना ही उनके पास कोई दूसरी स्किल होती है इसलिए आज आप देख रहे होंगे की बेरोजगारी की दर कितनी बढ़ती जा रही है। ज्यादातर लोग केवल सरकारी नौकरी के भरोसे रहकर तैयारी करते हैं। अगर आप भी कॉलेज में केवल मौज मस्ती करने के लिए जाते हो तो, यह आपके जीवन के सबसे बड़ी गलती होगी। जिसे आप जिंदगी भर याद करोगे जब आप जॉब पाने के लिए इधर-उधर भटक रहे होंगे और आपके पास डिग्री के अलावा कुछ नहीं होगा तो आपको उसके लिए जिंदगी भर पछताना पड़ेगा अब आप सोच रहे होंगे कि मौज मस्ती बिल्कुल भी ना करें ऐसा भी नहीं है।

मौज मस्ती करें लेकर लेकिन लिमिट में रहकर पढ़ाई के समय आपको केवल पढ़ाई पर ही फोकस करना होगा बाकी मौज मस्ती करने के लिए थोड़ा बहुत समय आप अलग से निकाल सकते हो क्योंकि लगातार पढ़ने से भी आपका मस्तिष्क थकान महसूस करने लगता है उसे भी थोड़ा आराम की जरूरत होती है।

चौथी गलती

हमारे देश में एक बात कूट कूट कर बच्चों के मन में भरी जाती है ! अच्छे से पढ़ोगे तो अच्छी नौकरी मिलेगी। हमें कभी भी ऐसा नहीं बोला जाता कि बेटा अच्छे से पढ़ोगे तो कोई अच्छी कंपनी खोलना जिससे आप हजारों युवाओं को रोजगार प्रदान कर सको। पता नहीं नौकरी वाली बात ही दिमाग में क्यों भरी जाती है।

अगर आप ठीक से पढ़ाई नहीं करोगे तो कहीं पर भी आपकी नौकरी नहीं लगेगी। पता नहीं ऐसा क्यों माना जाता है कि शिक्षा ( Education ) का मतलब सिर्फ नौकरी पाना है हमारे देश की शिक्षा सिर्फ नौकरी तक ही सीमित रह गई है। अगर सभी केवल नौकरी पाने वाले होंगे तो कोई नौकरी देने वाला कैसे बनेगा। तभी तो आप उसकी कंपनी में नौकरी कर पाओगे क्योंकि हमारे देश में मात्र 2 प्रतिशत सरकारी नौकरियां है इसलिए सभी युवाओं को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती।

इसलिए ध्यान से सोचे अगर कोई नौकरी देने वाले ही नहीं बनेंगे तो नौकरियां कहां से उत्पन्न होगी। हमारे देश के युवा कभी नौकरियां बनाने के बारे में नहीं सोचते इसलिए देश में बेरोजगारी की दर बढ़ती जा रही है। लोगों के पास बड़ी बड़ी डिग्री होने के बावजूद भी उनकी सोच में कहीं ना कमी कमी रह जाती है तभी बेरोजगार घूम रहे हैं। इसलिए पहले दिमाग से इस बात को निकालना होगा कि शिक्षा प्राप्त करने का मतलब सिर्फ नौकरी प्राप्त करना नहीं है।

शिक्षा से आपको सही गलत का ज्ञान, आपके मानसिक स्तर में वृद्धि ,दूसरों से व्यवहार के बारे में पता चलता है। यह बात भी बिल्कुल सत्य है। किसी छोटी नौकरी से आप केवल जरूरते पूरी कर सकते हैं। सपने नहीं ज्यादातर नौकरी करने वाले ओसत जिंदगी जीते हैं

पाँचवी गलती

हम ज्यादातर पढ़ाई करते समय अपने मां बाप पर ज्यादा निर्भर रहते हैं पहले दसवीं पास फिर बाहरवीं पास उसके बाद ग्रेजुएशन और फिर नौकरी की तैयारी करते समय हमारे जीवन के 20 से 25 साल ऐसे ही गुजर जाते हैं। इस दौरान हमारी पढ़ाई में काफी खर्च भी आता है जो कि एक तरह से मां-बाप पर भार बना रहता है। इस दौरान ज्यादातर मध्यम परिवार वाले विद्यार्थियों को घरवालों से ताने भी सुनने पड़ते हैं। उन्हें गुस्सा भी आता है लेकिन क्या करें।

ऐसे में आपको बारहवीं तक तो ठीक है लेकिन उसके बाद आपको ग्रेजुएशन करते समय पार्ट टाइम में कोई छोटे-मोटे कार्य भी करने चाहिए। जिससे आपकी पढ़ाई के लिए अलग से खर्च निकल सके और थोड़ा बहुत पैसा आप घरवालो को भी प्रदान कर सके। इससे आपको पैसे के बारे में समझ आएगी और आप ज्यादा से ज्यादा पैसा बर्बाद करने से बचा पाओगे।

ऐसा करने से आपके अंदर स्किल डेवलप होगी और कम समय में ही आपको पढ़ाई के अलावा नई-नई चीजें देखने को भी मिलेगी। थोड़ा दुनिया के बारे में जानने का मौका मिलेगा, कि आपका आने वाले समय में किस प्रकार के लोगों से भी सामना हो सकता है और भी जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलेगी जो आपके भविष्य में काम आएगी।

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