Genetic Engineer Kaise Bane : जेनेटिक इंजीनियर कैसे बने ?

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Genetic Engineer Kaise Bane
Genetic Engineer Kaise Bane

Genetic Engineering विज्ञान की एक अत्याधुनिक शाखा है , जो बायोटेक्नोलॉजी के अंतर्गत आती है | इसमें सजीव प्राणियों के डीएनए कोड में मौजूद जेनेटिक जानकारी को अत्याधुनिक तकनीक के जरिए बदलाव किया जाता है | जेनेटिक तकनीक के जरिए जींन की मदद से पेड़ पौधे जानवर और इंसानों में अच्छे गुणों को विकसित किया जाता है | Biotechnology के क्षेत्र में जेनेटिक तकनीक का उनयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है | जैसे-जैसे जेनेटिक इंजीनियरिंग ट्रीटमेंट जीन सम्पादन चिकित्सा प्रयोगशालाओं से निकालकर दुनिया भर के अस्पतालों तक तेजी से पहुंच रही है | भविष्य में इन्हें मुमकिन बनाने के लिए कुशल जेनेटिक इंजीनियरों की मांग बढ़ने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है , ऐसे में जेनेटिक इंजीनियरिंग छात्रों के लिए अच्छा विकल्प मौजूद है|

जेनेटिक इंजीनियरों की मांग

ब्रिटेन सरकार का अनुमान है कि 2030 तक अकेले ब्रिटेन में ही जीन और सेल थेरेपी से 17 हज़ार से अधिक नौकरियां पैदा होगी अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स ने बायोमेडिकल इंजीनियर की नौकरी में 7% तक मेडिकल साइंटिस्ट के नौकरी में 13% वृद्धि का अनुमान लगाया है जिससे दोनों को मिलाकर करीब 17 से 18000 तक नौकरियां पैदा होगी |

जेनेटिक इंजीनियरिंग Genetic Engineering को मिल रहे प्रचार का प्रमुख कारण अनुवांशिक दोषो को ठीक करने की इसकी क्षमता है जिनका अब तक कोई इलाज नहीं था , जैसे सिस्टिक फाइब्रोसिस और हीमोफीलिया साथ ही कैंसर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी तथा स्किल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों के इलाज के लिए लगभग 2700 क्लीनिकल परीक्षण है जिनमें जीन थेरेपी का परीक्षण किया जाता है | दवा बनाने वाली बड़ी कंपनियां यह मानकर चल रही है कि आने वाले दिनों में यह हेल्थ केयर का अहम हिस्सा बनेगा |

कुछ अनुमानों के अनुसार जीनोम इंजीनियरिंग का वैश्विक बाजार 5 साल में 2017 के स्तर से तकरीबन 2 गुना होकर 6.28 अरब डॉलर या 4.84 अरब पाउंड तक पहुंच जाएगा | प्रयोगशालाओं से अलग भी लोगों की जरूरत होती है इनमें वे लोग भी शामिल है जो मरीजों के जीनोम और उनके इलाज से जुड़े डाटा को संभालने में मदद करते हैं |

जीन थेरेपी इंडस्ट्री को Genetic Medicine , Molecular Biology , Virology, Bioengineering तथा chemical engineering जैसे वैज्ञानिक विषयों के साथ बिजनेस ग्रैजुएट्स की भी जरूरत होती है | क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग बढ़ने का एक ही कारण हो सकता है अस्पतालों में जीन थेरेपी संभव हो रही है और आने वाले समय में यह लगातार बढ़ती जाएगी जिसके कारण जेनेटिक विशेषज्ञों की जरूरत पड़ने वाली है |

Molecular Science Engineer और Computer Scientist भी इस क्षेत्र के लिए चाहिए जो अनुवांशिक तकनीकों से पैदा हुए भारी भरकम डॉटा को कंप्यूटर की सहायता से समझने में मदद कर सके |

अमेरिका के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टेटिस्टिक्स ने जेनेटिक सलाहकारों को 20 सबसे तेजी से बढ़ने वाली नौकरियों में शामिल किया है एक रिपोर्ट के मुताबिक अनुमान यह है कि 2026 तक जेनेटिक सूचनाओं की व्याख्या करने चिकित्सा कर्मचारी को सलाह देने और मरीजों को सही फैसले लेने में मदद करने वाले विशेषज्ञों की नौकरियां 29% तक बढ़ेगी|

जेनेटिक इंजीनियरिंग विधि से इलाज की शुरुआत


अमेरिका के एरिजोना में फेनिक्स में रहने वाले 44 वर्षीय ब्रायन मैडयुक्स उसको जन्म से ही एक दुर्लभ और जानलेवा अनुवांशिक बीमारी हंटर सिंड्रोम है | नवंबर 2017 में वह दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बने | जिनका जेनेटिक इंजीनियरिंग विधि से इलाज शुरू किया गया उनके खून में अति सूक्ष्म आणविक कैंचीया डाली गई जो उनके लिवर सेल के डीएनए को काट सके और वहां के बिगड़े हुए जीन को ठीक करने के लिए एक नया जीन डाल सके |

इसके लिए डीएनए के अरबो सूक्ष्म कणों को उनके जीनोम में प्रवेश करने के लिए डिजाइन किया गया जीनोम शरीर की हर कोशिका में मौजूद जैविक निर्देश मैनुअल होता है | यह जिनोमिक दवाइयों के एक नए युग की शुरुआत है जिसने इस क्षेत्र में मील का पत्थर गाड़ दिया किया है वह आने वाले समय में चिकित्सा क्षेत्र में क्रांति ला देगा |

योग्यता कोर्सेस Qualification and Courses


अभी तक हमारे देश में जेनेटिक इंजीनियरिंग से संबंधित कोर्स की पढ़ाई अलग से शुरू नहीं हुई है लेकिन अगर आप इस क्षेत्र में कोर्स करने की सोच रहे हैं | इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आपका 12वीं की परीक्षा साइंस स्ट्रीम में बायोलॉजी के साथ होनी चाहिए और उसके बाद जेनेटिक या इससे संबंधित क्षेत्र में ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट होना अनिवार्य है|

ग्रेजुएशन में आप इन कोर्स के साथ भी क्षेत्र में आगे जा सकते हो। इन कोर्सेस में एडमिशन लेने के लिए आपको बीई या बीटेक एंट्रेंस प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने पड़ते है |

Biotechnology
Molecular Biology
Microbiology
Biochemistry

Genetic Engineering के कुछ प्रमुख संस्थान

  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (चेन्नई , खड़गपुर, गुवाहाटी , दिल्ली )
  • आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस AIIMS ( नई दिल्ली )
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी DU ( नई दिल्ली )
  • उस्मानिया यूनिवर्सिटी ( हैदराबाद )
  • पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ( लुधियाना पंजाब )
  • जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी JNU ( नई दिल्ली )

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